छत्तीसगढ़

साय सरकार के चौथे बजट की कवायद तेज, वित्त विभाग ने जारी किया टाइमलाइन

Shantanu Roy
17 Sept 2026 9:44 PM IST
साय सरकार के चौथे बजट की कवायद तेज, वित्त विभाग ने जारी किया टाइमलाइन
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार के चौथे बजट वर्ष 2027-28 की तैयारी तेज हो गई है। राज्य के वित्त विभाग ने आगामी बजट को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वित्त सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिव (ACS), प्रमुख सचिव (PS), सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर नए बजट प्रस्ताव समय सीमा के भीतर भेजने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार बजट प्रक्रिया की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी। विभागों को अपने प्रस्ताव तैयार कर 20 नवंबर 2026 तक अंतिम रूप से जमा करने होंगे।
दिसंबर में वित्त सचिव करेंगे विभागों से चर्चा
बजट प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद वित्त विभाग स्तर पर उनकी समीक्षा की जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार 1 दिसंबर से 17 दिसंबर तक वित्त सचिव विभिन्न विभागों के सचिवों के साथ प्रस्तावों को लेकर चर्चा करेंगे। इसके बाद 4 जनवरी से 18 जनवरी 2027 तक वित्त मंत्री संबंधित विभागों के मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में नवीन मदों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
नए खर्च प्रस्तावों की होगी बारीकी से जांच
वित्त सचिव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि नए व्यय से जुड़े प्रस्तावों को सूक्ष्म परीक्षण के बाद ही बजट में शामिल किया जाएगा। वर्ष 2027-28 के बजट में अपरीक्षित नवीन मदों की जगह पहले से परीक्षण किए गए प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे बजट प्रस्ताव तैयार करते समय आवश्यक परीक्षण और वित्तीय औचित्य का ध्यान रखें। पत्र में कहा गया है कि अपरीक्षित नवीन मदों के प्रस्तावों पर केवल मंत्री स्तर की चर्चा के दौरान ही विचार किया जाएगा।
आदिवासी और अनुसूचित जाति योजनाओं के लिए अलग निर्देश
वित्त विभाग ने आदिवासी क्षेत्र उपयोजना (TSP) और अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना (SCSP) से जुड़े बजट प्रस्तावों को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन योजनाओं के प्रस्ताव आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के वित्तीय सलाहकार प्रकोष्ठ को भेजने के लिए कहा गया है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तैयार करेगा समेकित प्रस्ताव
वित्त विभाग ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी योजनाओं के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। पत्र के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अपनी मांग संख्या के अंतर्गत संचालित योजनाओं का समेकित बजट प्रस्ताव तैयार करेगा। इसके लिए संबंधित विभागों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे और निर्धारित समय सीमा में वित्त विभाग को भेजे जाएंगे।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर भी रहेगा ध्यान
वित्त विभाग ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के बेहतर संचालन को लेकर भी निर्देश दिए हैं। केंद्रीय विभागों से समन्वय कर SNA-SPARSH मॉडल के माध्यम से संचालित योजनाओं के लिए उचित बजट शीर्ष खोलने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन और राशि जारी होने में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
विभागों को समय पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश
वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे बजट प्रक्रिया को गंभीरता से लेते हुए समय सीमा के भीतर प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। नए बजट में विभागों की योजनाओं, नई मांगों और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को शामिल करने के लिए वित्तीय परीक्षण और प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
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